Sant Shri
  Asharamji Ashram

     Official Website
 

Register

 

Login

Follow Us At        
40+ Years, Over 425 Ashrams, more than 1400 Samitis and 17000+ Balsanskars, 50+ Gurukuls. Millions of Sadhaks and Followers.

Back to    

शास्त्रों के अनुसार महत्व
शास्त्रों के अनुसार महत्व
शास्त्रों के अनुसार महत्व


श्रीमद् भगवदगीता

तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया।
उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानं ज्ञानिनस्तत्त्वदर्शिनः ||

उस ज्ञान को तू तत्त्वदर्शी ज्ञानियों के पास जाकर समझ, उनको भली भाँति दण्डवत प्रणाम करने से, उनकी सेवा करने से  और कपट छोड़कर सरलतापूर्वक प्रश्न करने से वे परमात्म-तत्त्व को भली भाँति जानने वाले ज्ञानी महात्मा तुझे उस तत्त्वज्ञान का उपदेश करेंगे |(चौथे अध्याय - श्लोक 34)

श्री गुरुगीता

सर्वं स्यात्सफलं कर्म गुरुदीक्षाप्रभावतः |
गुरुलाभात्सर्वलाभो गुरुहीनस्तु बालिशः ||

गुरुदेव की दीक्षा के प्रभाव से सब कर्म सफल होते हैं | गुरुदेव की संप्राप्ति रूपी परम लाभ से अन्य सर्वलाभ मिलते हैं | जिसका गुरु नहीं वह मूर्ख है | (100)

गुरुमंत्रो मुखे यस्य तस्य सिद्धयन्ति नान्यथा |
दीक्षया सर्वकर्माणि सिद्धयन्ति गुरुपुत्रके ||

जिसके मुख में गुरुमंत्र है उसके सब कार्य सिद्ध होते हैं, दूसरे के नहीं | दीक्षा के कारण शिष्य के सर्व कार्य सिद्ध हो जाते हैं | (131)

न जानन्ति परं तत्वं गुरुदीक्षापराड्मुखाः |
भ्रान्ताः पशुसमा ह्येते स्वपरिज्ञानवर्जिताः ||

गुरुदीक्षा से विमुख रहे हुए लोग भ्रांत हैं, अपने वास्तविक ज्ञान से रहित हैं | वे सचमुच पशु के समान हैं | परम तत्व को वे नहीं जानते | (189)

श्रीमद भागवत

भगवान श्रीकृष्ण उद्धवजी से कहते हैं :

एवं गुरुपासनयैकभक्त्या विद्याकुठारेण शितेन धीरः |
विवृश्च्य जीवाशयमप्रमत्तः सम्पद्य चात्मानमथ त्यजास्त्रम ||

' उद्धव ! तुम इस प्रकार गुरुदेव की उपासनारूप अनन्य भक्ति द्वारा अपने ज्ञान की कुल्हाड़ी को तीखी कर लो और उसके द्वारा धैर्य एवं सावधानी से जीवभाव को काट डालो | फिर परमात्मस्वरूप होकर उस वृत्तिरूप अस्त्रों को भी छोड़ दो और अपने अखंड स्वरूप में ही स्थित हो रहो |'
(श्रीमदभागवत : ११.१२.२४)

 
 
 

 
 
 
 

View Details: 1304
print
rating
Tentative Date for Diksha


Books
       

Bhagwaan Naam Jap Mahima

Read Online

Download PDF

MantraJaap Mahima Evam Anushthan Vidhi

Read Online

Download PDF

Ganesh Chaturthi

IshtaSiddhi

Read Online

Download PDF
 
Copyright © Shri Yoga Vedanta Ashram. All rights reserved. The Official website of Param Pujya Bapuji