Welcome to Ashram.org | Login | Register
Vaastu

Vastu Details
दिशा एवं विदिशा के भूखण्ड व भवन

दिशा एवं विदिशा के भूखण्ड व भवन

भवन या भूखण्ड का उत्तर, चुम्बकीय उत्तर से 22.5 से कम घूमा होने से ऐसे भवन या भूखण्ड को दिशा में ही माना जाता है जबकि 22.5 या उससे अधिक घूमा हुआ हो तो उसे विदिशा या तिर्यक दिशा का भूखण्ड या भवन कहा जाता है। निम्न चित्र से स्पष्ट हो जायेगा।

 

वास्तु से सर्वसाधारण मूलभूत नियम

वास्तु नियमों को समझाने हेतु हम वास्तु को 3 भागों में विभक्त कर सकते हैं।

भूमि या भूखण्ड का वास्तु।

भवन का वास्तु।

आन्तरिक सज्जा का वास्तु।


print
rating
Contact Us | Legal Disclaimer | Copyright 2013 by Shri Yoga Vedanta Ashram. All rights reserved.
This site is best viewed with Microsoft Internet Explorer 5.5 or higher under screen resolution 1024 x 768