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दिल्ली: महिला सुरक्षा कानूनों के दुरुपयोग के विरोध में निकला विशाल ‘नारी शक्ति मार्च’
दिल्ली: महिला सुरक्षा कानूनों के दुरुपयोग के विरोध में निकला विशाल ‘नारी शक्ति मार्च’

 

Logo small ABNRM.jpgAkhil Bhartiya Nari Raksha Manch
A-First 257,Madangir,New Delhi-62,Cont-9718172321,Email-contactus.abnrm@gmail.com
 
     प्रेस-विज्ञप्ति                 दिनांक - 31-08-14
 
- महिला सुरक्षा कानूनों के दुरुपयोग और महिला-पुरुष सामाजिक असंतुलन के  
 विरोध में निकला विशाल नारी शक्ति मार्च’, दिल्ली में महिलाओं का उमड़ा सागर
 
- विशाल नारी शक्ति मार्च में बुलंद हुई महिला सुरक्षा कानूनों के दुरुपयोग और महिला-पुरुष
 सामाजिक असंतुलन की आवाज़
 
समाज के सभी वर्गों के सामाजिक,नैतिक एवं चारित्रिक उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्यरत अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच,एक समाजिक संस्था (NGO) ने अदालतों एवं शोधकर्ताओं की रिपोर्ट, जिसमे कहा गया कि देश में बढ़ते हुए यौन शोषण एवं बलात्कारों की घटनाओं की शिकायतें अधिकतर झूठी, व्यक्तिगत स्वार्थ या बदले की भावना से प्रेरित तथा चरित्र-हनन, ब्लैक मेलिंग या द्वेष आदि मुख्य कारणों को लेकर खुलकर दर्ज किये जा रहें है | अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच ने समाज में इस ज्वलंत मुद्दे से संबंधित नारी-सुरक्षा कानूनों के आधार पर अदालतों में चल रहे मुख्य केसों जिसमे उच्चतम न्यायलय के न्यायमूर्तियों, करोड़ों अनुयायियों के आस्था-केन्द्र संत आशारामजी बापू जैसे धर्मगुरुओं और प्रसिद्ध गणमान्य नागरिकों के अनेक केस स्टडीज़ के बाद समाज और व्यवस्था मे बहुत कुछ आवश्यक सुधार की संभावनायें महसूस की |आज रविवार 31 अगस्त 2014 को इससे आहत कुछ मुख्य संस्थाओं,  व्यक्ति विशेष तथा विमेंस ग्रेस, सनातन संस्था (महिला विंग), धर्म रक्षा दल (नारी शक्ति वाहिनी) जैसे अनेकों समर्थक संस्थाओं के माध्यम से दिल्ली में राजघाट से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक विशाल नारी शक्ति मार्च का आयोजन किया गया | देश के कोने - कोने से आयीं 50 हजार से ज्यादा महिलाओं ने एक आवाज़ में त्याग, स्नेह,ममता,करुणा और शक्तिस्वरूपा नारी जाति के लिए कड़े-से-कड़े कानून बनने के बाद भी बढ़ रहें अत्याचार और अपराधव्यक्तिगत स्वार्थ या बदले की भावना की आड़ में नारी-सुरक्षा कानूनों का दुरुपयोग रोकने, इससे बढ़ रहे महिला-पुरुष सामाजिक असंतुलन एवं देश की संस्कृति, धर्मं, नैतिकता और सामाजिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आस्था के केन्द्र धर्मगुरुओं पर ऐसे झूठे आरोपों से धर्मान्तरण द्वारा देश, समाज और संस्कृति को तोड़ने की बुरी नीयत से प्रेरित कुप्रयासों पर तुरंत कार्यवाही की मांग उठाई |
अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच और अन्य महिला संगठनो ने अपनी इन मांगों के समर्थन में ठोस तथ्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ रहे इन कानूनों के दुरुपयोग से होनेवाली क्षति की भरपाई आखिर में तो महिलाओं को ही करना पड़ रहा है, क्योंकि प्रत्येक पुरुष से माँ, बहन या पत्नी आदि के रूप में उसके परिवार या नाते-रिश्ते की अनेकों महिलाएँ ही तो जुड़ी हैं | अपनी तीखी प्रतिक्रियाओं में महिला संगठनों ने कहा कि देश की जड़ें काटने के लिए महिलाओं को मोहरा बनाया जा रहा है जो नारी जाति के लिए किसी कलंक से कम नहीं है |
समाज में संयम-सदाचार की शिक्षा एवं वासनारहित प्रेम को बढ़ावा देनेवाले रक्षाबंधन, मातृ-पितृ पूजन दिवस जैसे पर्वों के पुनर्जागरण के द्वारा नारी-सुरक्षा की समस्या का सच्चा हल लानेवाले तथा महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए महिला उत्थान मंडलोंके माध्यम से अनेक अभियान चलानेवाले संतों पर ऐसे बोगस चारित्रिक आरोप लगवाकर उन्हें जेल भिजवाना,  यह महिला एवं समाज विकास को रोकने का बड़ा षड्यंत्र है । इसकी जाँच हो और निर्दोष संतों एवं नागरिकों पर अत्याचार रुके तथा जल्द-से-जल्द उन्हें आरोप मुक्त किया जाय। सबसे हाईलाइटेड संत आशारामजी बापू पर लगा इस युग का सबसे बड़ा और विशिष्ट फर्जी केस जिन पर बिना बेल दिए 1 साल से फ़ास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई के बाद अब तक न तो एक भी आरोप साबित हुए हैं न मेडिकल या अन्य तकनीकी  रिपोर्ट में किसी तथ्य की पुष्टि हुई है | प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार मीडिया ने भी यही कहा कि POCSO जैसे गंभीर कानून में घसीटने का आधार उस लडकी की उम्र भी बालिग है, लेकिन पुलिस की संदेहास्पद एक तरफा जाँच भी किसी बड़ी साजिश की ओर ही इशारा करती है | करोड़ों भक्तो के आस्था केंद्र जिसमें लाखों महिलाएं भी शामिल है वे ही आज सड़कों पर आकर बापूजी के समर्थन में नारे बाजी को मजबूर हो रही है क्यों इन 75 वर्षीय वयोवृद्ध संत को एक साल से सुनियोजित ढंग से फँसाकर जेल में रखा जाना तथा यातनाओं से बढ़ी बीमारी के बावजूद भी मानवीय आधार पर भी उन्हें जमानत तक न मिल पाना हर नागरिक के जहन में अनेकों प्रश्न को जन्म देता है |
घनघोर वर्षा और तूफान में भी सत्य के पक्ष में हाथों में तख्तियाँ लेकर नारे लगाती हुर्इं जागरूक नारियों का यह मार्च राजघाट से दिल्ली गेट, रामलीला ग्राउंड, कमला मार्किट थाना,कनाट प्लेस से होते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट तक 4 घंटों में पहुंची, जहाँ प्रेस कॉन्फरंस के बाद समापन पर  माननीय राष्ट्रपति महोदय, प्रधानमंत्री जी, गृह्मंत्री जी, कानूनमंत्री जी, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, महिला और बाल विकास मंत्रालय, महिला आयोग आदि को ज्ञापन सौंपा गया |
धन्यवाद!
भवदीय           
श्रीमती रुपाली दुबे (अध्यक्षा)
Ex Lt. Short Service Commission (Indian Navy)
Cont.: 9718172321, 9650985570
 
 
 
संत श्री आशारामजी बापू के केस के कुछ अन-उजागर तथ्य
1.      तथाकथित घटना 15 अगस्त की रात साढ़े 10 बजे से 12 बजे के बीच की बतायी जाती है जबकि 15 अगस्त की रात 11 बजे से साढ़े 12 बजे तक लड़की जिस मोबाइल नंबर का प्रयोग करती थी उस मोबाईल नंबर से कई कॉल हुए हैं ।चार्जशीट में भी इस तथाकथित घटना के दिनांक 12 अगस्त से 17 अगस्त 2013 के बीच की कॉल डिटेल है ही नहीं । जिसे मांगने पर भी अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया ।
2.      फॉर्म हाउस मालिक के बयान के अनुसार - उस तथाकथित घटना 15 अगस्त की रात को एक सगाई कार्यक्रम था जिसमें भैहराणा साहब की झाँकी आदि निकाली गई थी। यह कार्यक्रम रात को साढ़े 10 बजे से साढ़े 11 बजे तक चला। जिसमें बापूजी भी मौजूद थे और शाहजहाँपुर के लड़की का परिवार व दूसरे 50-60 लोग मौजूद थे । तथाकथित घटना का समय 15 अगस्त की रात साढ़े 10 बजे से 12 बजे के बीच बतायी जाती है जबकि उस दिन बापूजी साढ़े 11 बजे तक कुटिया में थे ही नहीं।
3.      लड़की 2013-14 में 12 वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है तब नर्सरी से लेकर 12 वी तक की पढ़ाई के 15 वर्ष होते हैं। स्कूल में भर्ती होने के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष होनी चाहिए जबकि लड़की का जन्म वर्ष 1997 बताया गया है। यदि ऐसा है तो लड़की ने 6 वर्ष की आयु में सीधे तीसरी कक्षा में प्रवेश लिया, ऐसा कौन सा स्कूल है जो 6 वर्ष के किसी बच्चे को सीधे तीसरी कक्षा में प्रवेश दें ?
4.      बापूजी पिछले 50 वर्षों से अपने सत्संग प्रवचनों व अन्य माध्यमों के द्वारा समाजोत्थान के दैवी कार्य में लगे हुए हैं और उनसे करोड़ो लोग जुड़े हैं । इनमें से कम से कम लाखो महिलाएँ जो बापूजी से कई वर्षों से जुड़ीं हैं, उनको बापूजी के नजरों में आज तक ऐसा कुछ नही दिखा जैसा केस में एक लड़की कह रही है| केवल एक इसी लड़की ने ही ऐसे घिनौने आरोप लगाया जिसकी न तो कोई मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि है, न कोई अन्य ठोस प्रमाण । केवल नये कानून पोक्सो का दुरुपयोग करते हुए लड़की के बयान के आधार पर एक वयोवृद्ध 75 वर्षीय संत को 1 साल से जेल में डाल रखा है। लाखों महिलाएँ उनसे लाभान्वित हुई है क्या उनका अनुभव कुछ भी नही ?
5.      इस तथाकथित लड़की ने FIR  दर्ज कराया भी तो तथाकथित घटना के 5 दिन बाद वो भी रात को 2:45 बजे । तो क्या 5 दिनों तक FIR  दर्ज कराने की कोई रणनीति तैयार की जा रही थी ?
6.      ZeroFIR में 164 के बयान आज तक किसी भी केस में नहीं लिये गयेलेकिन कमला मार्केट थाने मे दर्ज की गई यह Zero FIR अपने आप में बड़ी विलक्षण है, जिसमें 164 के बयान पहले ही रिकार्ड किये गये ।
7.      नवयुवको में संयम, सदाचार और नैतिक उत्थान को बढ़ावा देने वाली बापूजी की युवाधन सुरक्षा अभियान नामक किताब 3 करोड़ से भी ज्यादा की संख्या बाँटी गयी । अमेरिका जैसे दुनिया के विकसित देश करोड़ो डॉलर खर्च करके भी जिस संयम की शिक्षा देने में सफल न हो सके, उसे इस सत्साहित्य के माध्यम से बापूजी के आश्रम व समितियां कर रही है।
8.      नारी उत्थान के कितने ही प्रवृत्तियाँ – सेवाकार्य बापूजी के द्वारा प्रारंभ किये गये। कॉल सेन्टर में काम करने वाले महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ बापूजी ने आवाज उठाया और उसके लिए महिला उत्थान मंडल जैसे संगठन बनाया। गर्भपात रोको अभियान चलाया जिसके बाद इसके लिए कानून भी बना दिया गया। सनातन धर्म में नारी जाति को जो पूज्य स्थान दिया गया है उसकी महिमा बताकर नारी तू नारायणी का मार्ग प्रशस्त किया ।
 
 प्रस्तुत हैं रैली की कुछ झलकें :


 

  Comments

Such huge rally and protest needs to be done in front of Prime Minister/President house.
Created by Ravindra Yadav in 9/5/2014 4:08:31 AMAfter such a huge rally by Women NGO , some common sense should en-light to this Judiciary and they should feel about their responsibility and do justice and should grant Bail to Bapuji.
atyachar ki had
Created by suresh sharma in 9/4/2014 9:16:55 AMbapu ak saal se jail me hain ,yeh atyachar ki had hai
Pujya Bapuji ke case ki Kai sachhaiya
Created by Parul A. Chavda in 9/3/2014 11:25:25 AMPujya Bapuji ke case ki Kai sachhaiya jise undekha kiya ja raha he or sabut hone parbhi mana nahi ja raha jise Media or Kanun Vyavastha Juthla Larhihe
Virodh pradarshan"Anyay diwas"
Created by Chinta haran ray in 9/2/2014 3:58:29 PMHari Om,
Bapuji nirdosh hain lekin secular parties and secular Hindu abhi bhi soch vichar me pade hai.Mata aur bahano ko bahut-bahut Danyabad .mujhe kaphi khush hain .humligo ko ekjut rahna hoga
bahut dukh ki bat yah hai ki Rashtriya news paper wale abhi bhi hamari pradarshan ka prakashan nahi kiya.mai Ashram se agrah karata hun ki "BHARAT KA MEDIA KAUN CHALATA HAI'
PRATEK MAHINE LOK KALYAN AUR RISHI PRASAD me chhapna chahiye taki sabhi desh wasiyo ko gyan ho in media wale ke bara me.

DESH KE LIYE HONA CHAHIA
Created by mukesh kumar in 9/1/2014 8:24:03 PMHARI OM
GURUDEV JEE KO KOTI KOTI NAMAN

SATYA KI JIT HOGI HOGI YAISA

Biased Attitude of National media
Created by Vinod Sehgal in 9/1/2014 5:22:23 PMBiased attitudes of mainstream media channels can be seen from the fact that none of the channel, which fall in the mainstream national channels category, has covered this protest which was being undertaken in the heart of national capital. How one will trust such channels for their objective reporting?

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