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"हम गाय को नहीं पालते, गाय हमें पालती है ।" - पूज्य संत श्री आशारामजी बापू

                                                                  || प्रेस नोट ||                                                     31 Oct 2014

संत आसाराम बापू आश्रमों में मनाया गया गोपाष्टमी पर्व
गायों की पूजा कर दिया गया ग्रोगास

संत आसारामजी बापू की प्रेरणा से उनके साधकों, देशभर के संत श्री आसारामजी आश्रमों, योग वेदांत सेवा समितियों, युवा सेवा संघ, महिला उत्थान मंडलों द्वारा गोपाष्टमी पर्व बड़ी भव्यता से मनाया गया। गांधीनगर स्थित संत श्री आसारामजी आश्रम में गौ-पूजन संपन्न हुआ और गौ-ग्रास खिलाया गया । संत श्री आसारामजी आश्रम, अहमदाबाद द्वारा संचालित श्रीकृष्ण गौशाला में भी गायों को स्नान कराया गया तथा तिलक करके पूजन किया गया । गाय की चरणरज सिर पर लगाकर गायों की परिक्रमा भी की गयी व गोग्रास दिया गया । गायों के लिए पापड़ी, मकई का आटा, गेहूँ का चोकर, सींगदाना और गुड़ आदि पौष्टिक चीजें मिलाकर 16000 लड्डू बनाकर अनेक स्थानों में जाकर गायों को खिलाए गये । प्रातःकाल से ही बड़ी संख्या में लोग गौ-पूजन के लिए पहुँचे थे ।
इस बात की जानकारी देते हुए आश्रम पदाधिकारियों ने बताया कि संत श्री आसारामजी बापू गौसेवा व गौरक्षा पर विशेष जोर देते हैं वे कहते हैं “जिस दिन भारतवासी गायों का सम्मान, गंगा का महत्त्व और गीता का ज्ञान अंगीकार कर लेंगे, उस दिन विश्व के शिखर पर पहुँचने का भारत का स्वप्न साकार हो जायेगा ।” बापू के मार्गदर्शन में भारतभर में अनेक गौशालाएँ चलती हैं, जिनमें कत्लखाने ले जा रही गायों को रोककर रखा गया है और उनकी वहाँ सेवा होती है । इन गायों में अधिकतर गायें ऐसी हैं जो दूध नहीं देती हैं । फिर भी उन गायों का पालन-पोषण व्‍यवस्थित ढंग से किया जाता है । बापू द्वारा वर्षभर गायों के लिए कुछ-न-कुछ सेवाकार्य चलते ही रहते हैं । बापू ने पूरे विश्व को गाय से प्राप्त गोझरण, गोबर, तथा गाय के दूध से होनेवाले फायदे तथा गौ-सेवा की महिमा बतायी है । गाय की उपयोगिता व सेवा के लिए अपने करोड़ों शिष्‍यों एवं समाज को प्रेरित करनेवाले उपदेश उनके प्रवचनों के अभिन्‍न अंग रहे हैं । बापू की प्रेरणा से गोपाष्टमी का पर्व हर वर्ष विशेषरूप से मनाया जाता है ।
बापू के वचनों का पालन करते हुए कोटा, जयपुर, निवाई (राज.), भोपाल, इंदौर, श्योपुर, सुसनेर, रतलाम, छिन्दवाड़ा (म.प्र.), अमरावती, दोंडाईचा (महा.), चंडीगढ़, गंजाम, भुवनेश्वर (ओडिशा), जालंधर, लुधियाना, कपूरथला (पंजाब) आदि अनेक स्थानों पर गोपाष्टमी पर्व मनाया गया । रजोकरी, दिल्ली  गुरुकुल  के विद्यार्थियों ने गौमाता का पूजन व परिक्रमा की और गौरक्षा यात्रा निकाली ।

गौरक्षा का लिया संकल्प,
कई स्थानों पर सौंपे गये ज्ञापन

 देवास, छिंदवाड़ा (म.प्र.), अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, गाजियाबाद, इटावा (उ.प्र.), धुलिया, जलगाँव (महा.), निवाई, दुर्ग, अम्बाला, हिम्मतनगर, कैसरापल्ली (ओडिशा), जालंधर, फिरोजपुर, कपूरथला (पंजाब) आदि स्थानों पर महिला उत्थान मंडल द्वारा रैली निकाली गयी तथा ज्ञापन देकर गौ रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की माँग की गयी । अधिक जानकारी देते हुए महिला उत्थान मंडल, अहमदाबाद के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘गौ-हत्या को रोकने के लिए सभी ने गोपाष्टमी पर संकल्प लिया कि ‘गाय के चमड़े व चर्बी से बनी वस्तुओं, जैसे - बेल्ट, पर्स, कपड़े, जूते आदि का उपयोग नहीं करेंगे तथा देशी गाय का दूध खरीदेंगे तथा उसके घी, झरण व गोबर से बने उत्पादों, जैसे - फिनायल, धूपबत्तियों, औषधियों आदि का उपयोग करेंगे तथा दुकानों में माँग करेंगे ।’

 

  Comments

very good sewa.
Created by Shrikant in 11/9/2014 12:26:09 PMits very good start by bapuji. we should celebrate gopashtami as a festival so that it should become a public movement and people will know about usefullness of bhartiya cow. and raise their voice to slaughter of "govansha"


JAI SADGURU DEV.
Created by RAJENDRA NATH SHARMA in 11/7/2014 2:49:30 PMJAI SADGURU DEV.
hariom
Created by dhruv in 11/7/2014 10:54:23 AMhamara bapu ko or ahmedabad ashram waalo ko puraa sahyog he is seva kaarya me. hariom
GAUMATA KI JAI HO HARI OM HARI OM SADGURU BHAGWAN KI JAI HO
Created by babusibgh gokulsingh rajput in 11/3/2014 11:05:49 AMGAUMATA KI JAI HO GAU PRANI MATRA KI MATA HEIN AUR GAU HI HAR TARAH SE HAMARI SEWA KARTI HEIN. GAUMATA HAMARI TARAH SE RAKSHA KARTI HEIN GAUMATA KE RAKSHANARTH HAME SAKT SE SAKT KANOON BANANE CHAHIYAN AUR UNHE PHANSI MARTE DAM TAK DENI CHAHIYAN.

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